मुख्य सामग्री पर जाएँ

मिथक: वीगन खाना हमेशा महंगा होता है

वीगन खाना हमेशा महंगा नहीं होता; बुनियादी वीगन खाद्य पदार्थ जैसे दाल, चावल और मौसमी सब्जियां अक्सर मांस-आधारित भोजन से सस्ती पड़ती हैं। महंगाई का भ्रम प्रोसेस्ड वीगन उत्पादों और शहरी सुपरमार्केट की कीमतों से आता है।

अपडेट किया गया · 31 अगस्त 2026

त्वरित उत्तर

यह दावा ज़्यादातर गलत है। बुनियादी वीगन खाना — दालें, अनाज, बीन्स, मौसमी सब्जियां — प्रोटीन और कैलोरी के हिसाब से मांस और डेयरी से अक्सर सस्ता है। महंगे वीगन बर्गर या प्लांट-मिल्क की कीमतें पूरे आहार का प्रतिनिधित्व नहीं करतीं।

मुख्य बातें

  • बीन्स, दाल और टोफू जैसे वीगन प्रोटीन स्रोत प्रति 100 ग्राम प्रोटीन की लागत में चिकन या पनीर से सस्ते होते हैं।
  • प्रोसेस्ड वीगन उत्पाद (जैसे वीगन बर्गर) महंगे हो सकते हैं, लेकिन वे पूरे वीगन आहार का ज़रूरी हिस्सा नहीं हैं।
  • भारत में पारंपरिक वीगन-अनुकूल व्यंजन जैसे दाल-चावल, छोले, और सब्ज़ी की सब्जी, नॉन-वेज थाली से अक्सर कम खर्चीले होते हैं।
  • FDA और FAO के आंकड़ों के अनुसार, वैश्विक स्तर पर अनाज और फलियों की कीमत प्रति किलो मांस से काफी कम है।
  • मौसमी और स्थानीय सब्जियां खरीदकर और थोक में अनाज लेकर वीगन आहार की लागत और कम की जा सकती है।
  • घर पर पकाया गया वीगन खाना, फास्ट फूड या रेस्तरां के मांसाहारी भोजन से सस्ता होता है, जिससे यह मिथक और कमजोर पड़ता है।
100-120 रुपये
प्रति किलो दाल की कीमत (भारत, 2023)
अरहर दाल का थोक बाजार मूल्य, चिकन (180-220 रुपये/किलो) से काफी कम।
10-15% कम
वीगन आहार पर औसत खर्च
जर्नल ऑफ न्यूट्रिशन 2021 के अध्ययन के अनुसार, मांसाहारी आहार की तुलना में।
50-70 रुपये (दाल)
100 ग्राम प्रोटीन की लागत
पनीर से 150-200 रुपये की तुलना में; वीगन स्रोत सस्ते।
1.5-2 गुना अधिक
प्रोसेस्ड वीगन उत्पादों की कीमत
द गुड फूड इंस्टीट्यूट, 2022 के अनुसार, डेयरी समकक्षों की तुलना में।

आजकल सोशल मीडिया पर अक्सर यह सुना जाता है कि वीगन खाना एक विलासिता है, जो सिर्फ अमीर लोग ही खरीद सकते हैं। यह धारणा आंशिक रूप से महंगे वीगन पिज्जा, प्लांट-मिल्क और इम्पॉर्टेड सुपरफूड्स के विज्ञापनों से बनी है। लेकिन सच्चाई यह है कि दुनिया के कई हिस्सों, खासकर भारत में, पारंपरिक वीगन भोजन जैसे दाल, चावल, रोटी और मौसमी सब्जियां अत्यंत किफायती हैं। इस पृष्ठ पर हम इस मिथक के पीछे के आंकड़ों की जांच करेंगे और बताएंगे कि वीगन आहार को महंगा मानने की असली वजह क्या है।

The claim

यह मिथक कहता है कि वीगन आहार अपनाने का मतलब है हर महीने भारी खर्च, क्योंकि वीगन उत्पादों की कीमतें मांस और डेयरी से कहीं अधिक होती हैं। यह दावा अक्सर उदाहरण के तौर पर महंगे वीगन बर्गर, बादाम दूध, या इम्पॉर्टेड क्विनोआ को सामने रखता है।

हालांकि, यह दावा पूरे वीगन आहार की वास्तविकता को नहीं दिखाता, बल्कि कुछ चुनिंदा प्रोसेस्ड उत्पादों पर केंद्रित है। जब हम बुनियादी वीगन खाद्य सामग्री की बात करते हैं, तो तस्वीर बिल्कुल अलग होती है।

Where it comes from

यह मिथक मुख्य रूप से पश्चिमी देशों के सुपरमार्केट और रेस्तरां के अनुभव से उत्पन्न हुआ है, जहां वीगन विकल्प अक्सर प्रीमियम प्राइस पर बेचे जाते हैं। उदाहरण के लिए, अमेरिका में एक वीगन बर्गर पैटी की कीमत 3-5 डॉलर हो सकती है, जबकि सोयाबीन से बना टोफू प्रति पाउंड सिर्फ 2 डॉलर में मिलता है।

मीडिया और विज्ञापनों ने भी इस भ्रम को बढ़ावा दिया है, क्योंकि वे महंगे वीगन स्नैक्स और डेसर्ट को ही दिखाते हैं। भारत जैसे देशों में, जहां पारंपरिक आहार में पहले से ही कई वीगन व्यंजन शामिल हैं, यह मिथक शहरी मध्यम वर्ग के अनुभवों से जोड़ा जाता है, जहां ऑर्गेनिक या ब्रांडेड उत्पादों की कीमतें अधिक होती हैं।

What the evidence says

सबूत बताते हैं कि बुनियादी वीगन खाद्य पदार्थ मांस और डेयरी से सस्ते हैं। उदाहरण के लिए, FAOSTAT के आंकड़ों के अनुसार, 2022 में अमेरिका में प्रति किलो चिकन की औसत कीमत लगभग 3.5 डॉलर थी, जबकि सूखी दालों की कीमत 1.5-2 डॉलर प्रति किलो थी। भारत में, 2023 में अखिल भारतीय औसत के अनुसार, अरहर दाल 100-120 रुपये प्रति किलो थी, जबकि चिकन 180-220 रुपये प्रति किलो।

प्रोटीन की लागत के हिसाब से तुलना करें तो 100 ग्राम प्रोटीन के लिए दालों की लागत 50-70 रुपये आती है, जबकि पनीर के लिए 150-200 रुपये। यह अंतर साफ तौर पर बताता है कि वीगन स्रोत आर्थिक रूप से बेहतर हैं। एक अध्ययन, जो जर्नल ऑफ न्यूट्रिशन 2021 में प्रकाशित हुआ, ने पाया कि अमेरिका में वीगन खाने का औसत खर्च मांसाहारी आहार से 10-15% कम होता है, बशर्ते कि प्रोसेस्ड वीगन उत्पादों से बचा जाए।

The kernel of truth

इस मिथक में एक सच्चाई यह है कि प्रोसेस्ड वीगन उत्पाद, जैसे वीगन चीज़, प्लांट-मिल्क और रेडी-टू-ईट मील, वास्तव में महंगे हो सकते हैं। ये उत्पाद अपने डेयरी समकक्षों की तुलना में 1.5 से 2 गुना अधिक कीमत पर बेचे जाते हैं, जैसा कि 2022 की एक रिपोर्ट में द गुड फूड इंस्टीट्यूट ने दिखाया।

लेकिन यह सिर्फ एक बाजार प्रवृत्ति है, जरूरी नहीं। वीगन आहार में इन प्रोसेस्ड उत्पादों को शामिल करना अनिवार्य नहीं है; आप दाल, चावल, सब्जियां और फल खाकर भी पूर्ण और पौष्टिक आहार ले सकते हैं। जिन लोगों ने महंगा वीगन खाना अनुभव किया है, वे अक्सर रेस्तरां या ब्रांडेड उत्पादों पर निर्भर थे, जिनमें मार्केटिंग लागत शामिल होती है।

The honest verdict

कुल मिलाकर, यह मिथक ज़्यादातर गलत है। वीगन आहार की लागत इस बात पर निर्भर करती है कि आप कौन से खाद्य पदार्थ चुनते हैं, न कि इस पर कि वे वीगन हैं या नहीं। यदि आप संपूर्ण, अप्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों पर ध्यान केंद्रित करते हैं, तो वीगन खाना न केवल सस्ता है, बल्कि अक्सर स्वास्थ्य के लिए भी बेहतर होता है।

भारत में, जहां दाल-चावल, छोले, और सब्ज़ी की सब्जी जैसे व्यंजन सदियों से गरीबों का भोजन रहे हैं, वहां वीगन को महंगा कहना ऐतिहासिक रूप से गलत है। बजट बनाने वाले लोग मौसमी सब्जियां, थोक अनाज और स्थानीय बाजारों से खरीदकर वीगन आहार को और भी किफायती बना सकते हैं। यह मिथक सिर्फ उन लोगों के लिए सच लग सकता है जो लग्जरी वीगन उत्पादों या महंगे रेस्तरां में खाना पसंद करते हैं, लेकिन यह सामान्य वीगन जीवनशैली का प्रतिनिधित्व नहीं करता।

आम सवाल

लोग यह भी पूछते हैं

महंगाई का भ्रम प्रोसेस्ड वीगन उत्पादों — जैसे वीगन बर्गर, चीज़, और प्लांट-मिल्क — की कीमतों से आता है, जो डेयरी या मांस विकल्पों से अधिक होती हैं। साथ ही, रेस्तरां में वीगन व्यंजन अक्सर प्रीमियम मूल्य पर बेचे जाते हैं। लेकिन घर पर पकाए गए दाल-चावल जैसे बुनियादी वीगन भोजन सस्ते हैं।

दयालु ब्रीफिंग

साप्ताहिक ईमेल: पशु अधिकार की जीत, पादप-आधारित विचार और जलवायु से जुड़ी सार्थक कहानियाँ।

कोई स्पैम नहीं। एक क्लिक में सदस्यता समाप्त करें।